भारत ने सोमवार को रक्षा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की जब उसने स्वदेशी रूप से विकसित स्क्रैमजेट इंजन का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण ओडिशा के समुद्री तट पर स्थित एक परीक्षण रेंज से किया गया और इसे भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा अंजाम दिया गया। यह इंजन हाइपरसोनिक मिसाइलों के लिए तैयार किया गया है जो ध्वनि की गति से छह गुना तेज यानी माक 6 की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम होता है। इस तकनीक के सफल परीक्षण के साथ भारत ने अब उन गिने-चुने देशों की सूची में जगह बना ली है जिनके पास हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी है। यह परीक्षण पाकिस्तान की हालिया 130 मिसाइलों की श्रृंखला के जवाब में एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। भारत की यह हाइपरसोनिक मिसाइल इस्लामाबाद जैसे शहर को महज 100 सेकंड में नष्ट करने की क्षमता रखती है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्क्रैमजेट इंजन से लैस मिसाइलें लंबी दूरी तक बेहद तेज रफ्तार और सटीकता से लक्ष्य को भेद सकती हैं, जिससे भारत की सामरिक क्षमता में भारी इजाफा होगा। यह परीक्षण न केवल भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करता है बल्कि वैश्विक स्तर पर उसकी तकनीकी सक्षमता को भी दर्शाता है।
Posted By :Diya


