POSTED BY – Vanshika Mishra
ग्रेटर नोएडा, 12 अगस्त 2025:गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ, जस्टिस एंड गवर्नेंस की इंटर्नशिप और प्लेसमेंट कमिटी (IPC) ने 12 अगस्त 2025 को ऑनलाइन राष्ट्रीय लेख लेखन प्रतियोगिता 2025 के परिणाम वर्चुअल माध्यम से घोषित किए। इस वर्ष का विषय “Goods and Services Tax (GST): A Path Towards Economic Transformation” रखा गया था, जो भारत में लागू इस ऐतिहासिक कर सुधार के सात वर्षों की यात्रा, इसके आर्थिक प्रभाव और भविष्य की संभावनाओं को प्रतिबिंबित करता है। प्रतियोगिता में देशभर के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के छात्रों ने भाग लिया, जिनमें नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली; नेशनल लॉ इंस्टिट्यूट यूनिवर्सिटी, भोपाल; जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली; बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ; और सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कर्नाटक सहित अनेक शैक्षणिक संस्थान शामिल थे। प्रतिभागियों ने विषय पर गहन शोध, तथ्यपरक विश्लेषण और तार्किक तर्क प्रस्तुत किए, जिनमें जीएसटी की उपलब्धियों, चुनौतियों और भारतीय अर्थव्यवस्था में इसके योगदान पर विस्तृत चर्चा की गई। परिणामों के अनुसार प्रथम स्थान अमृतांशी (नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली), द्वितीय स्थान योना मोंटेरीओ (NMIMS, बेंगलुरु) और तृतीय स्थान संयुक्त रूप से स्नेहा पटिदार (नेशनल लॉ इंस्टिट्यूट यूनिवर्सिटी, भोपाल) एवं निकिता पटिदार (इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, निर्मा यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद) ने प्राप्त किया। परिणाम घोषणा के दौरान IPC के चेयरपर्सन डॉ. विक्रम करुणा ने प्रतिभागियों के शोध कार्य की गुणवत्ता, उनकी आलोचनात्मक सोच और प्रस्तुतियों की गहराई की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता छात्रों के लिए शैक्षणिक उत्कृष्टता और व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच है। स्कूल के डीन डॉ. के. के. द्विवेदी ने विजेताओं को बधाई दी और सभी प्रतिभागियों से ज्ञान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने का आह्वान किया। मूल्यांकन पैनल के अध्यक्ष डॉ. सतीश चंद्रा ने लेखों की मौलिकता, विचारों की स्पष्टता और तार्किक प्रस्तुति को सराहते हुए बताया कि प्रतिभागियों ने जटिल विषय को सरल और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में IPC सदस्य श्री सागर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और NASCAP के सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया। प्रतियोगिता के विजेताओं को क्रमशः ₹5,000, ₹3,000 और ₹2,000 के नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे, जबकि सभी प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके साथ ही, चयनित लेखों को विश्वविद्यालय की आगामी संपादित पुस्तक में प्रकाशित किया जाएगा, जिससे छात्रों के शोध कार्य को व्यापक पाठकवर्ग तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।


