POSTED BY – Vanshika Mishra
ग्रेटर नोएडा , 25 अगस्त 2025- ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के बौद्ध अध्ययन एवं सभ्यता संकाय और उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में “भारतीय ज्ञान परम्परा में पालि एवं प्राकृत का अवदान” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह संगोष्ठी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राणा प्रताप सिंह के संरक्षण एवं डॉ. ज्ञानादित्य शाक्य के समन्वयन में 25 अगस्त 2025 को विश्वविद्यालय परिसर स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले ध्यान केंद्र में संपन्न होगी।
संगोष्ठी का आयोजन चार सत्रों में किया जाएगा, जिसमें देश के प्रतिष्ठित विद्वान अपनी विद्वत्ता साझा करेंगे। उद्घाटन सत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय के बौद्ध अध्ययन विभाग के प्रमुख प्रो. इंद्र नारायण सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त प्रो. विजय कुमार जैन “प्राकृत साहित्य में पुरुषार्थ चतुष्टय”, प्रो. सी. उपेंद्र राव “पालि में भारतीय ज्ञान परम्परा” और प्रो. डॉ. राका जैन “प्राकृत साहित्य में ज्ञान-ज्ञाता-ज्ञेय विषयक सूक्तियां एवं लोकमंगल भावना” विषयों पर अपने विचार रखेंगे।
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संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राणा प्रताप सिंह, कुलसचिव डॉ. विश्वास त्रिपाठी तथा बौद्ध अध्ययन एवं सभ्यता संकाय के अधिष्ठाता प्रो. एन. पी. मलकानिया ने शुभकामनाएँ दी हैं। इस आयोजन को लेकर संकाय के सभी शिक्षक, विद्यार्थी और शोधार्थियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि देश-विदेश के अनेक विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने इस संगोष्ठी में भाग लेने के लिए पंजीकरण कराया है, जिससे यह आयोजन केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित न रहकर अंतरराष्ट्रीय विमर्श मंच का रूप ले रहा है।
यह राष्ट्रीय संगोष्ठी न केवल पालि और प्राकृत जैसी प्राचीन भाषाओं की महत्ता को रेखांकित करेगी, बल्कि भारतीय ज्ञान परम्परा, साहित्य और सांस्कृतिक चेतना को समझने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम साबित होगी। आयोजकों का मानना है कि इस संगोष्ठी से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को नई दृष्टि और शोध की दिशा मिलेगी।
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