POSTED BY – Vanshika Mishra
ग्रेटर नोएडा, 16 सितम्बर 2025- गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के बौद्ध अध्ययन एवं सभ्यता संकाय में “लॉटस इन द डेजर्ट: महाप्रजापति – थेरवाद ननरी इन कैलिफ़ोर्निया” विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान अमेरिका की अमेरिकन पब्लिक यूनिवर्सिटी सिस्टम्स में दर्शन एवं धर्म विषय की प्रोफेसर प्रो. चपला वर्मा ने प्रस्तुत किया।
अपने संबोधन में प्रो. वर्मा ने कैलिफ़ोर्निया स्थित महाप्रजापति ननरी के पुनरुद्धार पर प्रकाश डाला और बताया कि यह ननरी महिलाओं की दीक्षा परंपरा को जीवंत कर रही है, जो कई शताब्दियों से लुप्त थी। उन्होंने उल्लेख किया कि 20वीं शताब्दी में भारत, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के भिक्षुओं ने महिला साध्वियों को भिक्षुणी के रूप में मान्यता दी, जबकि थाईलैंड और म्यांमार जैसे प्रभावशाली थेरवाद देश अभी तक इसे स्वीकार नहीं कर पाए हैं।
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व्याख्यान के दौरान उन्होंने तीन प्रेरक जीवन कथाएँ साझा कीं—एक एनेस्थेटिस्ट जो आज महाप्रजापति ननरी की प्रमुख हैं; एक पूर्व सैनिक जिन्होंने जीवन के उत्तरार्ध में संन्यास लिया; और एक युवा साधिका, जिन्होंने मात्र 21 वर्ष की आयु में दीक्षा लेकर कठिनाइयों का सामना किया। प्रो. वर्मा ने कहा कि समय आ गया है जब करुणा का उपदेश देने वाले भिक्षु, महिला साध्वियों को भी समान अधिकार दें।
कार्यक्रम का स्वागत भाषण विभागाध्यक्ष एवं निदेशक (इंटरनेशनल अफेयर्स) डॉ. चंटाला वेंकटा शिवसाई ने दिया। इस अवसर पर प्रबंधन संकाय की प्रो. श्वेता आनंदा ने प्रो. चपला वर्मा का सम्मान किया तथा अमेरिका में क्रिमिनल जस्टिस विषय पर कार्यरत प्रो. अरविंद को भी सम्मानित किया गया।
व्याख्यान में डॉ. ज्ञानदित्य शाक्य, डॉ. प्रियदर्शिनी मित्रा, डॉ. मनीष टी. मेश्राम, संकाय सदस्य, भिक्षु-भिक्षुणियाँ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
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