Breaking news: गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा के स्कूल ऑफ आईसीटी द्वारा शनिवार, 22 नवंबर 2025 को “सेमीकंडक्टर अनुसंधान एवं कौशल विकास के लिए अकादमिक–उद्योग समन्वय” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिकों, देश की प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनियों के उद्योग विशेषज्ञों तथा आईआईटी सहित विभिन्न अग्रणी संस्थानों के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम का आरंभ सम्मानित अतिथियों के आगमन के उपरांत इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. विदूषी शर्मा के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विशिष्ट पैनलिस्टों का परिचय कराया। इसके पश्चात प्रो. राजीव वार्ष्णेय, डीन अकादमिक, ने बदलती प्रौद्योगिकी आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम में नवाचार, उद्योग-उन्मुख कौशल तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण को अनिवार्य रूप से शामिल किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
माननीय कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय में स्थापित किए जाने वाले सेमीकंडक्टर रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी (सीएसआरटी) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की रूपरेखा और दीर्घकालिक दृष्टि साझा की। उन्होंने इस केंद्र के माध्यम से अनुसंधान आधारित शिक्षा, वित्तीय स्थिरता, उद्योग साझेदारी और शैक्षणिक सशक्तिकरण को एकीकृत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। तत्पश्चात डॉ. मंगल दास ने प्रस्तावित सीएसआरटी की विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें चरणबद्ध विकास योजनाओं, आवश्यक अवसंरचना, अनुमानित बजट तथा मानव संसाधन की जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की गई।
गोलमेज सत्र के दौरान उद्योग एवं शोध संस्थानों के प्रमुख प्रतिनिधियों—डॉ. डी. एस. रावल (डीआरडीओ), श्री अजेेश कपूर एवं श्री कृष्णा ठाकुर (एल एंड टी सेमीकंडक्टर), श्री वरुण मनवानी (सहरसा सेमीकंडक्टर), श्री अभिषेक गुप्ता (केडेन्स डिज़ाइन सिस्टम), श्री राजेन्द्र प्रताप (वर्वेसेमी) आदि ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में जनशक्ति विकास, स्वदेशी निर्माण की चुनौतियाँ, डिजाइन ऑटोमेशन, फैब्रिकेशन, टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टार्टअप–इकोसिस्टम जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपने सुझाव रखे।
आईआईटी जोधपुर के प्रो. अजय अग्रवाल एवं आईआईटी दिल्ली के प्रो. समरेश दास सहित अन्य शिक्षाविदों ने बहु-संस्थागत सहयोग, संयुक्त अनुसंधान क्लस्टर्स, फैकल्टी–इंडस्ट्री इमर्शन कार्यक्रमों तथा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के वैश्विक श्रेष्ठ मॉडलों को भारतीय परिप्रेक्ष्य में अपनाने पर बल दिया। सरकारी प्रतिनिधि सुश्री शोभा कुशवाहा (ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण) एवं श्री गौरव गर्ग (टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट बोर्ड) ने नीतिगत सहयोग, अनुदान योजनाओं और सतत फंडिंग तंत्र की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
सत्र का संयोजन एवं संचालन डॉ. विदूषी शर्मा और डॉ. प्रियंका गोयल ने किया, जिन्होंने चर्चा को केंद्रित, सारगर्भित और सहभागी बनाते हुए विविध दृष्टिकोणों को एक साझा मंच पर प्रस्तुत किया।
समापन सत्र में अध्यक्षीय टिप्पणी के माध्यम से गोलमेज में प्राप्त प्रमुख निष्कर्षों एवं सुझाए गए रोडमैप को संक्षेपित किया गया। इसके उपरांत डॉ. विवेक चौधरी ने सभी विशिष्ट अतिथियों, विशेषज्ञों, संकाय सदस्यों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव रखा।
गोलमेज बैठक में डॉ. अरुण सोलंकी (विभागाध्यक्ष सीएसई), डॉ. नीता सिंह (विभागाध्यक्ष आईटी), डॉ. राजेश मिश्रा, डॉ. मनमोहन सिंह शिशोदिया, डॉ. प्रदीप तोमर, डॉ. विवेक शुक्ला सहित अनेक संकाय सदस्यों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का समापन सीएसआरटी की स्थापना हेतु ठोस कार्ययोजना एवं भविष्य की दिशा निर्धारण के साथ हुआ, जो अकादमिक–उद्योग–सरकार के त्रिपक्षीय सहयोग से राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत एवं आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में अकादमिक–उद्योग–सरकार साझेदारी पर राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन


