Posted By Boby Bhati
ग्रेटर नोएडा : कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन (सीईसी), जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) का एक अंतर-विश्वविद्यालय केंद्र है और भारत में उच्च शिक्षा की शैक्षिक प्रसारण आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु अधिदेशित है, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में 27 से 28 मार्च 2026 तक अपने 27वें सीईसी-यूजीसी शैक्षिक फिल्म महोत्सव के आयोजन की सहर्ष घोषणा करता है।
ऑफलाइन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से शैक्षिक सामग्री का विकास
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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उच्च शिक्षा में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की नोडल एजेंसी के रूप में स्थापित, सीईसी विविध ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से शैक्षिक सामग्री का विकास और प्रसार करता है। सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के उपयोग द्वारा यह राष्ट्रव्यापी सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को बढ़ावा देता है, जिसमें दिव्यांग शिक्षार्थियों के लिए सांकेतिक भाषा-सक्षम कार्यक्रम और वर्तमान आवश्यकतानुसार मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स (MOOCs) सम्मिलित हैं, जो शिक्षा के लोकतंत्रीकरण को सुदृढ़ करते हैं।
प्रेस कांफ्रेंस में प्रो. (डॉ.) परीक्षित सिंह मन्हास ने कहा कि
पूर्व-आयोजन प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीईसी के निदेशक प्रो. (डॉ.) परीक्षित सिंह मन्हास ने कहा, “मेरा विश्वास है कि शिक्षा का भविष्य केवल पाठ्यपुस्तकों में नहीं लिखा जाता। जब शिक्षाविद् की दृढ़ता और फिल्मकार की दृष्टि का संगम होता है, तो हम ऐसी सामग्री तैयार करते हैं जो न केवल जानकारी देती है, बल्कि रूपांतरण भी करती है।
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सीईसी-यूजीसी शैक्षिक फिल्म महोत्सव इस सहयोग की अपरिहार्यता की हमारी पुष्टि है। जैसे-जैसे देश विकसित भारत 2047 की ओर अग्रसर है, हमें फिल्मकार को शिक्षा के मिशन में एक समान भागीदार के रूप में मान्यता देनी होगी और संस्थागत रूप से स्थापित करना होगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि सीईसी यह मानता है कि शिक्षा और नागरिक सहभागिता इस राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनिवार्य स्तंभ हैं।
फिल्मकारों की तकनीकी दक्षता के साथ-साथ यह महोत्सव शिक्षाविदों और शिक्षकों को भी उनके संबंधित क्षेत्रों में शैक्षिक सामग्री निर्माण के माध्यम से डिजिटल शिक्षा के भविष्य में उनके योगदान के लिए सम्मानित करता है। सीईसी-यूजीसी शैक्षिक फिल्म महोत्सव जैसे मंचों के माध्यम से, सीईसी सामाजिक रूप से जागरूक युवाओं की एक ऐसी पीढ़ी को प्रोत्साहित करना चाहता है जो राष्ट्र-निर्माण के प्रयास में सोच-समझकर और उद्देश्यपूर्ण रूप से योगदान दे सके।
प्रो. राणा प्रताप सिंह, कुलपति, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ने कहा कि
इसके साथ ही, प्रो. राणा प्रताप सिंह, कुलपति, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय ने कहा, “गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय को 27वें सीईसी-यूजीसी शैक्षिक फिल्म महोत्सव की मेजबानी करते हुए गर्व का अनुभव हो रहा है। यह महोत्सव शिक्षा के उन्नयन हेतु अकादमिक जगत, रचनात्मकता और प्रौद्योगिकी के समन्वय को प्रतिबिंबित करता है। ऐसे आयोजन न केवल शैक्षणिक वातावरण को समृद्ध करते हैं, बल्कि छात्रों और शिक्षकों को ज्ञान के साथ नवाचारी और प्रभावी तरीकों से जुड़ने के लिए प्रेरित भी करते हैं। विश्वविद्यालय अंतर्विषयी शिक्षा को बढ़ावा देने और ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना में सार्थक योगदान देने वाले मंचों के सृजन के लिए प्रतिबद्ध है।”
महोत्सव के बारे में सीईसी- यूजीसी शैक्षिक फिल्म महोत्सव 1988 में अपने उद्घाटन संस्करण से प्रतिवर्ष आयोजित होता आ रहा है। दशकों में यह एक प्रमुख मीडिया आयोजन के रूप में विकसित हुआ है जो फिल्मकारों, छात्रों, शिक्षाविदों, प्रशासकों, विकास पेशेवरों और मीडिया प्रतिनिधियों को वृत्तचित्र फिल्मनिर्माण की कला और प्रभाव का उत्सव मनाने के लिए एक साथ लाता है। यह महोत्सव सिनेमाई माध्यम से शैक्षिक और सामाजिक विषयों के प्रति जागरूकता, आलोचनात्मक प्रशंसा और सार्थक संवाद को प्रोत्साहित करता है।
महोत्सव का 27वाँ संस्करण भारत के राष्ट्रीय उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ — स्वतंत्रता की शताब्दी पर एक विकसित, समावेशी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की आकांक्षा — की भावना में आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष के पुरस्कार-सह-स्क्रीनिंग समारोह में 12 श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, जिसमें ₹25,000 से ₹1,00,000 तक की नकद पुरस्कार राशि, स्क्रीनिंग प्रमाणपत्र और ट्रॉफियाँ शामिल हैं।
उद्धरण के लिए अनुशंसित फिल्मों को स्क्रीनिंग प्रमाणपत्र प्राप्त होंगे। इस संस्करण में कुल 320 प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। एक प्रतिष्ठित जूरी द्वारा कठोर पूर्वावलोकन प्रक्रिया के माध्यम से चुनी गई उन्नीस फिल्में दो दिनों में प्रदर्शित की जाएंगी, जो छात्रों और अन्य हितधारकों को संवेदनशील बनाएंगी।




