Greater Noida : गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में महात्मा ज्योतिबा फुले ध्यान केंद्र में 10 जून 2025 को छह-दिवसीय आवासीय विपस्सना कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने कहा कि सजगता और एकाग्रता जीवन में सुख-शांति प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, और विपस्सना इस दिशा में एक अत्यंत प्रभावी विधि है।
बौद्ध अध्ययन एवं सभ्यता केंद्र की डीन प्रो. श्वेता आनंद ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर विपस्सना कोर्स समन्वयक एवं बौद्ध अध्ययन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. मनीष मिश्रा ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह कार्यशाला 9 जून 2025 से प्रारंभ होकर 14 जून 2025 तक चलेगी।
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इस कार्यक्रम का आयोजन गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा एवं त्रिरत्न इंस्टीट्यूट, नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में ऑफलाइन और ऑनलाइन मोड में किया गया है। विभागाध्यक्ष डॉ. चिंताला वेंकटा सिवासाई ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
समारोह में उपस्थित डॉ. ज्ञानादित्य शाक्य, डॉ. चंद्रशेखर पासवान, डॉ. प्रियदर्शिनी मित्रा, डॉ. विदुषी शर्मा एवं विक्रम सिंह ने बुद्ध मूर्ति के समक्ष पुष्पार्पण और दीप प्रज्ज्वलन किया। इसके बाद बौद्ध अध्ययन एवं सभ्यता केंद्र में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने बुद्ध वंदना एवं मंगलपाठ किया, जबकि एमए छात्र संदीप कुमार ने उद्घाटन सत्र का सार संकलन प्रस्तुत किया।
ऑनलाइन मोड में 150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया
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इस कार्यशाला में 50 प्रत्यक्ष प्रतिभागियों के अलावा विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और बौद्ध भिक्षु भी शामिल हुए, वहीं ऑनलाइन मोड में 150 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर रेखा , कन्हैया , सचिन , अजय कुमार, संदीप ढाका सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।




