posted by : krish Poswal
नई दिल्ली। श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली में विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट–2026 की इवेंट रिपोर्ट का गरिमामय लोकार्पण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक द्वारा किया गया। इस अवसर पर कुलपति महोदय ने रिपोर्ट का विमोचन करते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, सामाजिक प्रतिबद्धता एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के प्रभावी दस्तावेजीकरण को एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि बताया।कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान केवल उसके शैक्षणिक कार्यों से नहीं, बल्कि समाज एवं राष्ट्र के प्रति उसकी सक्रिय भागीदारी से भी होती है। संस्थान में आयोजित विभिन्न गतिविधियों, कार्यक्रमों एवं उपलब्धियों का व्यवस्थित प्रलेखन विश्वविद्यालय की विकास यात्रा का स्थायी अभिलेख होता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट-2026 की यह रिपोर्ट भविष्य के लिए एक प्रेरणादायी दस्तावेज के रूप में कार्य करेगी तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शोधार्थियों को राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों के लिए प्रेरित करेगी।कुलपति महोदय ने विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय संकल्प में युवाओं की भूमिका को अत्यंत महत्त्वपूर्ण बताते हुए कहा कि युवा शक्ति देश के भविष्य की सबसे बड़ी ऊर्जा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्र के प्रति कर्तव्य भावना का विकास आवश्यक है। विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट जैसे आयोजन युवाओं को विचारों की अभिव्यक्ति, संवाद कौशल और निर्णय क्षमता के विकास का सशक्त मंच प्रदान करते हैं।उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा आयोजित विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट-2026 कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारियों एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। कुलपति महोदय ने इस महत्त्वपूर्ण प्रकाशन के लिए संपादकीय टीम एवं राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यह रिपोर्ट विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और युवा सहभागिता का प्रेरणादायी दस्तावेज सिद्ध होगी।विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट-2026 की इवेंट रिपोर्ट राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आयोजित कार्यक्रम की संपूर्ण कार्यवाही, उद्देश्यों, प्रमुख वक्ताओं के विचारों, प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता तथा आयोजन की उल्लेखनीय उपलब्धियों का विस्तृत एवं क्रमबद्ध संकलन है। रिपोर्ट में कार्यक्रम के प्रत्येक प्रमुख आयाम को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया है, जिससे यह भविष्य के आयोजनों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री के रूप में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।इस गरिमामय अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारी एवं शिक्षकगण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रो. अभिषेक तिवारी की उपस्थिति रही। डॉ. सौरभ दुबे, संपादक एवं एनएसएस समन्वयक ने रिपोर्ट के प्रकाशन संबंधी जानकारी साझा करते हुए बताया कि इसमें कार्यक्रम की सभी प्रमुख गतिविधियों, वक्ताओं के विचारों एवं प्रतिभागियों की सहभागिता को व्यवस्थित रूप से संकलित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रकाशन विश्वविद्यालय की सामाजिक चेतना, युवा सशक्तिकरण एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।इस अवसर पर डॉ. जीवन जोशी एवं डॉ. आलोक कुमार की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने इस महत्त्वपूर्ण प्रकाशन के लिए कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन की सराहना की।लोकार्पण समारोह का समापन विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपराओं, युवा शक्ति के सशक्तिकरण और विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को पूर्ण करने की प्रतिबद्धता के संदेश के साथ हुआ।



