Posted By Boby Bhati
Breaking News : गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं मीडिया अध्ययन विभाग में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की गरिमापूर्ण उपस्थिति में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षकों की भूमिका, उनके मार्गदर्शन एवं शिक्षा के व्यापक महत्व को रेखांकित करना तथा शिक्षक-विद्यार्थी संबंधों की आत्मीयता को मजबूत करना था।
शिक्षक केवल विषय का ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं -प्रो. बंदना पांडेय
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इस अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. बंदना पांडेय ने कहा कि शिक्षक केवल विषय का ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, सोच और भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा, “एक शिक्षक का वास्तविक दायित्व केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं, बल्कि उन्हें सही दृष्टिकोण, नैतिक मूल्यों, आत्मविश्वास और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता प्रदान करना है। शिक्षक विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ प्रश्न पूछने, तर्क करने और निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा देता है। एक अच्छा शिक्षक अपने विद्यार्थियों की संभावनाओं को पहचानकर उन्हें अपनी क्षमता का सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए प्रेरित करता है।”
सकारात्मक परिवर्तन ही एक शिक्षक के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि – आचार्य डॉ. विनीत कुमार
इस अवसर पर विभाग के सहायक आचार्य डॉ. विनीत कुमार ने शिक्षक की भूमिका और अपने जीवन में शिक्षकों के योगदान को साझा करते हुए कहा, “मेरे जीवन में शिक्षकों ने केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने, निरंतर सीखने और अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा भी दी। शिक्षक हमारे जीवन में उस मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं, जो हमारी क्षमताओं को पहचानने और उन्हें सही दिशा देने में सहायता करता है। आज जब मैं स्वयं शिक्षक के रूप में विद्यार्थियों के साथ कार्य करता हूँ, तो यह अनुभव करता हूँ कि शिक्षक होना केवल एक पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और निरंतर सीखने की प्रक्रिया है। विद्यार्थियों की सफलता और उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन ही एक शिक्षक के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है।” समारोह के दौरान विभाग के अन्य शिक्षकों ने भी अपने शिक्षण अनुभवों एवं शिक्षक जीवन से जुड़े संस्मरण विद्यार्थियों के साथ साझा किए।
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सभी शिक्षकों ने छात्रों को किया प्रेरित
डॉ. विमलेश कुमार, डॉ. रिया मौर्या, डॉ. अविनाश तथा डॉ. शादिका ने शिक्षक दिवस के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, मानवीय मूल्यों, रचनात्मकता एवं निरंतर आत्म-विकास के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों ने अपने अकादमिक अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि अध्यापन की प्रक्रिया केवल विद्यार्थियों को शिक्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षक और विद्यार्थी दोनों के लिए निरंतर सीखने एवं एक-दूसरे से विकसित होने की प्रक्रिया है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी शिक्षकों के प्रति अपनी कृतज्ञता एवं सम्मान व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षक उनके शैक्षणिक विकास के साथ-साथ व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। समारोह का वातावरण आत्मीय, प्रेरणादायक एवं भावपूर्ण रहा।






