Posted by : krish poswal
लखनऊ। श्रीलाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलपति प्रोफेसर डॉ. मुरलीमनोहर पाठक ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘संस्कृत प्रतिभा खोज’ प्रतियोगिता के पोस्टर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता का पोस्टर प्रदान करते हुए अधिकाधिक संख्या में प्रतिभाग करने का आह्वान किया।कुलपति प्रो. डॉ. मुरलीमनोहर पाठक ने कहा कि संस्कृत भारतीय संस्कृति, ज्ञान-विज्ञान और जीवन-मूल्यों की अमूल्य धरोहर है। संस्कृत भाषा में निहित ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने तथा विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित ‘संस्कृत प्रतिभा खोज’ प्रतियोगिता एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इस प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें और संस्कृत के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान दें।उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि, अध्ययनशीलता, सृजनात्मकता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को विकसित करती हैं। साथ ही, ये प्रतियोगिताएँ भारतीय ज्ञान-परंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का सशक्त माध्यम भी हैं।कुलपति ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘संस्कृत प्रतिभा खोज’ प्रतियोगिता देशभर के विद्यार्थियों में संस्कृत के प्रति नवीन चेतना का संचार करेगी तथा संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।इस अवसर पर लखनऊ जनपद एवं लखनऊ मंडल की संयोजिका भी उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रतियोगिता के उद्देश्यों एवं आयोजन से संबंधित जानकारी प्रदान करते हुए विद्यार्थियों को अधिकाधिक संख्या में सहभागिता के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों में प्रतियोगिता को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। समारोह का वातावरण संस्कृत भाषा, भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा के प्रति समर्पण एवं प्रेरणा से ओत-प्रोत रहा।



