Posted by :krish Poswal
नई दिल्ली। भारत सरकार द्वारा संचालित ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के अंतर्गत श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में एक भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के राष्ट्रव्यापी संबोधन को सुना और नशा-मुक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लिया।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने संबोधन में देश के युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित भारत का स्वप्न तभी साकार होगा, जब देश की युवा शक्ति स्वस्थ, जागरूक, अनुशासित और नशा-मुक्त होगी। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करते हुए इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करें।
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प्रधानमंत्री जी ने युवाओं की शक्ति को राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा बताते हुए कहा कि सकारात्मक सोच, स्वस्थ जीवनशैली और संस्कारित आचरण के माध्यम से ही भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उनका संदेश विश्वविद्यालय परिसर में उपस्थित सभी प्रतिभागियों के लिए प्रेरणा और संकल्प का स्रोत बना।
इस अवसर पर श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुरली मनोहर पाठक ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव संयम, आत्मानुशासन और स्वस्थ जीवन मूल्यों की समर्थक रही है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की शारीरिक एवं मानसिक क्षमता को प्रभावित करने के साथ-साथ परिवार और समाज की प्रगति में भी बाधक बनता है। इसलिए प्रत्येक युवा का कर्तव्य है कि वह नशे से स्वयं दूर रहे और समाज में भी जागरूकता का प्रसार करे।
कुलपति प्रो. मुरली मनोहर पाठक ने कहा कि संस्कृत विश्वविद्यालय केवल ज्ञान का केंद्र ही नहीं, बल्कि संस्कार, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्वों का भी केंद्र है। विश्वविद्यालय परिवार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नशा-मुक्त भारत के संकल्प को सशक्त बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति के आदर्शों को अपनाते हुए स्वस्थ, सकारात्मक और अनुशासित जीवन शैली का अनुसरण करें।
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प्रधानमंत्री जी के संबोधन के उपरांत कुलपति प्रो. मुरली मनोहर पाठक ने विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों, छात्र-छात्राओं, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशा त्यागने तथा जीवनभर नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। सभी उपस्थित लोगों ने न केवल स्वयं नशा-मुक्त रहने का संकल्प लिया, बल्कि समाज के अन्य लोगों को भी नशे के विरुद्ध जागरूक करने का प्रण किया।
कार्यक्रम के दौरान वातावरण पूर्णतः प्रेरणादायी एवं उत्साहपूर्ण रहा। विश्वविद्यालय परिसर में उपस्थित सभी वर्गों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ के आह्वान को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में कार्यक्रम संयोजक डॉ. नवदीप जोशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विकसित भारत अभियान के संयोजक प्रो. देवेंद्र मिश्रा एवं प्रो. सुंदर लाल झा ने अभियान के उद्देश्यों और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. हर्ष शुक्ला ने कार्यक्रम के समन्वय एवं व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया। तकनीकी संयोजक ज्ञान चंद शर्मा ने कार्यक्रम के तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।
श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम नशा उन्मूलन के प्रति जागरूकता फैलाने, युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा प्रदान करने और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं अनुकरणीय पहल सिद्ध हुआ।






